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सिलाई मशीन (SILAAI MACHINE) HINDI HORROR STORY

“ दीदी मैं बहुत मुसीबत में हूँ। मेरी सिलाई मशीन पता नहीं कहाँ चली गयी है। उसके बिना मैं काम कैसे करूँगा दीदी ? मेरी सिलाई मशीन ढूँढवा दो दीदी। ” राकेश रेणु के सामने गिड़गिड़ा रहा था।

आँखें (AANKHEIN) HINDI HORROR STORY



इरफ़ान दिखने में तो ठीक-ठाक ही था लेकिन उसकी आँखों में मानो जादू था। उसकी झील जैसी गहरी आँखों में ना जाने कितनी ही लड़कियाँ अपने दिलों को खो चुकी थीं। शुरू में तो इरफ़ान के लिए लड़कियाँ फँसाना सिर्फ़ एक खेल था, लेकिन धीरे धीरे इरफ़ान को समझ आया की वो कैसे अपनी इन आँखों से फ़ायदा उठा सकता है।

लगभग सभी डेटिंग ऐप्स और वेबसाइट्स पर इरफ़ान ने अपना प्रोफ़ाइल बना रखा था। उसका काम था शहर में रह रही अकेली लड़कियों को अपने जाल में फँसाना और अपनी आँखों का जादू उनपर चला कर उनके पैसे और क़ीमती चीजों को लूट कर हवा हो जाना। ऐसी ही एक डेट पर उसे मिली रागिनी। जिसे मानो इरफ़ान की आँखों से पहली ही मुलाक़ात में प्यार हो बैठा। वो हर वक्त सिर्फ़ और सिर्फ़, इरफ़ान की आँखों के बारे में ही बात करती। कुछ वक्त बाद तो इरफ़ान को भी ये सब थोड़ा अजीब लगने लगा। और शायद रागिनी से पीछा छुड़ाने के लिए ही इरफ़ान ने अपने प्लान पर थोड़ा जल्दी काम करना शुरू कर दिया।

एक दो मुलाक़ातों के बाद, इरफ़ान एक शाम रागिनी के घर में बैठा था। और वहाँ भी वो लड़की इरफ़ान की आँखों की शान में क़सीदे पढ़े जा रही थी। इस बीच इरफ़ान उसके पूरे घर का मुआयना कर ही रहा था की तभी रागिनी ने एक polaroid कैमरा निकाल कर इरफ़ान के चेहरे के सामने टिका दिया। इरफ़ान सहम गया। इस से पहले किसी लड़की ने ऐसी हरकत नहीं की थी। “ये किस लिए?” इरफ़ान ने पूछा।

“तुम्हारी आँखें, इन्हें हमेशा के लिए अपने पास रखने वाली हूँ मैं।” ये कहकर रागिनी इरफ़ान के बहुत क़रीब आ गयी और दनादन इरफ़ान के चेहरे के कई सारे फ़ोटोज़ खींचने लगी।

फ़्लैश की चमक और रागिनी के इस व्यवहार से हक्का बक्का इरफ़ान समझ ही नहीं पाया कि वो लड़की कब एक जंगली बिल्ली की तरह उसके ऊपर कूद गयी। वो कभी उसके सीने को काटती तो कभी गर्दन पर। इरफ़ान को लगा कि अगर उसने कुछ नहीं किया, तो ये लड़की आज वाक़ई में उसे खा डालने वाली थी।

इरफ़ान चिल्लाया, “बस करो! रुको।”

लेकिन रागिनी कहाँ रुकने वाली थी। इसके बाद इरफ़ान किसी शिकार की तरह अपने शिकारी से खुद को बचने के लिए गुत्थम-गुत्था हो रहा था। इसी धक्का-मुक्की के दौरान रागिनी का सर बिस्तर के कोने से जा टकराया। वो निढाल होकर बिस्तर के कोने से झूल गयी।

इरफ़ान की जान में जान आयी, लेकिन जब उसने देखा की रागिनी काफ़ी देर तक हिल डुल नहीं रही है, तो उसने उसकी नब्ज टटोलनी शुरू की। नब्ज चल रही थी। यह जानकर इरफ़ान को एक राहत महसूस हुई। वो चोर ज़रूर था, लेकिन किसी का खून करना अभी उसके लिए काफ़ी दूर की बात थी। वो थोड़ी देर तक अपना सिर हाथों में लिए सोचता रहा की तभी उसके दिमाग़ में ख़याल आया, कि ये तो उसके लिए और भी अच्छी बात है। उसे अब बाक़ी लड़कियों की तरह रागिनी को बांधने और किसी कोने में ठूँसने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। अब वह बेरोक टोक होकर पूरे घर की तलाशी ले सकता है।

इरफ़ान उठा और अपने कपड़े पहन कर घर का एक एक कोना छानने लगा।

थोड़ी देर बाद रागिनी के घर का सभी क़ीमती सामान इरफ़ान ने उसी के एक बैग में रख लिया था। चोरी का सामान ले जाने के लिए बैग भी इरफ़ान अपनी शिकार लड़कियों के घर से ही लेता था। और जब बैग अपनी हैड से भी ज़्यादा भर चुका था, इरफ़ान ने घर से निकालने के बारे में सोचा। जाने से पहले उसने बेहोश पड़ी रागिनी के पास से अपने वे फ़ोटो भी उठा लिए जो उस पागल लड़की ने खींचे थे।

इरफ़ान बैग के साथ निकालने ही वाला था की तभी उसे खिड़की के काँच में अपना चेहरा दिखा। उसके चेहरे, गर्दन और पता नहीं कहाँ कहाँ खरोंचों के निशान थे। जिन में से खून निकल कर सूख चुका था। वह इस तरह सड़क पर नहीं जाना चाहता था, और इसीलिए इरफ़ान तुरंत रागिनी के बाथरूम में गया और अपना चेहरा धोने लगा।

लेकिन तभी उसकी नज़र बाथरूम में आइने के पीछे बनी अलमारी के अंदर गयी। उसने धीरे से अलमारी खोली तो देखा, उसके अंदर ढेर सारे प्लास्टिक के मर्तबान रखे थे, और उन मर्तबानों में रखे एक पीले से कैमिकल में तैर रहीं थीं, ढेर सारी आँखें। इंसानी आँखें।



आगे क्या हुआ?





Hindi Horror Story Aankhein

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