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सिलाई मशीन (SILAAI MACHINE) HINDI HORROR STORY

“ दीदी मैं बहुत मुसीबत में हूँ। मेरी सिलाई मशीन पता नहीं कहाँ चली गयी है। उसके बिना मैं काम कैसे करूँगा दीदी ? मेरी सिलाई मशीन ढूँढवा दो दीदी। ” राकेश रेणु के सामने गिड़गिड़ा रहा था।

अवसाद (DEPRESSION) HINDI HORROR STORY

 

















चेतावनी: प्रस्तुत कहानी आपको विचलित कर सकती है। इसमें आत्महत्या तथा अवसाद की बातें हैं। पाठक कृपया अपने विवेक का प्रयोग करें।


वो छोटी सी बच्ची, एकटक अपनी माँ को देखे जा रही थी। अचानक उसके सर में एक सवाल चमका, 

"माँ," वो बोली, "मरने के बाद हम कहाँ जाते हैं?"

माँ जो कर रही थी, उसे छोड़कर अपनी बच्ची की सूरत देखने लगी। 
पर बच्ची की आँखों में अभी भी वही सवाल तैर रहा था, 

"बताओ ना माँ, मरने के बाद हम कहाँ जाते हैं?"

माँ ने रोते हुए अपनी लाड़ली को थामा, उसका माथा चूमा और उसे अपने सीने से लगा लिया। उसके बाद उसने अपना दुपट्टा उस बच्ची के गले में लपेटते हुए रोते हुए कहा, 

"अभी पता चल जाएगा मेरी बच्ची।"







(समाप्त)




नमस्कार, 

अवसाद (Depression) एक मानसिक रोग (Mental illness) है, और भले ही सुनने या पढ़ने में यह एक प्रकार की घृणित बाधा लगती हो, परंतु यह किसी भी अन्य बीमारी की तरह है, जो किसी को भी हो सकती है तथा इसका उपचार भी सम्भव है।अवसाद से ग्रसित व्यक्ति ऊपरी तौर पर ख़ुशमिज़ाज भी दिख सकता है। इसीलिए यह सोचना की अवसाद से ग्रसित लोग हमेशा दुखी और रोते रहते हैं, एक ग़लत धारणा है। 

अवसाद के मरीज़ को किताबी ज्ञान तथा ताज़ी हवा की नहीं बल्कि हमारी मदद की ज़रूरत होती है। यदि आप या आपके आस पास कोई इस तरह के बुरे समय से गुज़र रहा हो, तो झिझकें नहीं, बल्कि खुल कर बात करें और जीवन की इस डोर को कस कर थामे रहें।

भारत सरकार ने एक देशव्यापी हैल्पलाइन किरण इसी उद्देश्य से शुरू की है, जहां आप फ़ोन द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं। हैल्पलाइन 24-7 उपलब्ध है, और भारत की 13 भाषाओं में आप वहाँ अपनी समस्या बता सकते हैं। 


किरण हैल्पलाइन : 1800-599-0019




AVSAAD DEPRESSION डिप्रेशन AVSAAD HINDI HORROR STORY

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