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सिलाई मशीन (SILAAI MACHINE) HINDI HORROR STORY

“ दीदी मैं बहुत मुसीबत में हूँ। मेरी सिलाई मशीन पता नहीं कहाँ चली गयी है। उसके बिना मैं काम कैसे करूँगा दीदी ? मेरी सिलाई मशीन ढूँढवा दो दीदी। ” राकेश रेणु के सामने गिड़गिड़ा रहा था।

पुल (THE BRIDGE) HINDI HORROR STORY


एक गाँव था, जिसके पास से बहती थी एक नदी। गरजती, लरजती, वो नदी सब निगल जाती। जो उसमें जाता फिर कभी किसी को ना दिखता। बड़े बूढ़े कहते कि इस नदी ने ना जाने कितने जानवर, इंसान और तो और गाँव भी निगल चुकी थी। गाँव में सब बोलते थे, "बरसात आने पर वो नदी भूखी हो जाती है।"

इसीलिए गाँव वालों ने उस पर एक पुल बना दिया था। 
ताकि वो नदी फिर किसी को ना निगले। 

पर उस दिन बिस्वा उस पुल पर खड़ा नदी में झांक रहा था। आज वो नदी को भोग लगाने आया था। पर खुद का नहीं, बल्कि उस नन्ही सी जान का जो उसके हाथों में थी। 

बिस्वा के ब्याह को अभी 3 साल ही हुए थे, और पिछली अमावस की रात को उसके यहाँ जन्म लिया एक चाँद जैसी दूधिया बच्ची ने। बच्ची जितनी प्यारी थी, गाँव वाले उतने ही दक़ियानूसी थे। बिस्वा के दिमाग़ में ये बात घर कर चुकी थी, कि वो पालेगा तो केवल बेटा। तो अब बेटी को गले कैसे लगाता।

पर बिस्वा की लुगाई भी बड़ी पक्की थी। उसे पता था कि बिस्वा और बाक़ी लोग गिद्ध की सी नज़र लगाए थे, तो वो बच्ची को हर दम अपनी छाती से चिपकाए रखती। 

पर नींद तो सब को आती है।

बस ऐसी ही एक रात में बिस्वा ने उस नन्ही सी जान को उसकी माँ से अलग किया और घर से बाहर निकल गया। अमावस की रात जन्मी वो बच्ची दूध से चाँद की रोशनी में ऐसे चमक रही थी जैसे जादू। 

एक बार को तो बिस्वा का मन भी उस बच्ची की बड़ी बड़ी चमकती आँखों में अटक गया। पर तभी उसने अपने आप को भटकने से रोका और जल्दी जल्दी नदी के पास पहुँच गया।

अब बिस्वा उस नन्ही सी जान को लिए उस नदी के ऊपर बने पुल पर खड़ा था। बच्ची को पर, उसके बाप की नीयत का अंदाज़ा ना था। वो तो चैन से उसके हाथों में पड़ी ऊँघ रही थी। 

उस बच्ची की आँखों ने एक बार फिर अपने बाप पर जादू चलना चाहा। बिस्वा का मन एक बार फिर भटका, पर तभी नदी ने एक ज़ोर का शोर किया, जैसे अपनी खुराक माँगने पर कोई जानवर करता हो।

बिस्वा ने दोनों हाथ नदी के ऊपर पुल के बाहर की तरफ़ किए, उस छोटी सी हंसती खेलती गठरी को थामे रहा। किसी इंसान की जान लेना इतना आसान नहीं होता।

पर नदी तो भूखी थी, वो किसी राक्षस की तरह दहाड़े जा रही थी, मानो कह रही हो, "खाना दे। मैं भूखी हूँ।"

बिस्वा के हाथ काँपने लगे, लेकिन फिर भी उसके उन हाथों ने उस बच्ची को नहीं छोड़ा। लेकिन अब वो काफ़ी आगे आ चुका था। वापस लौटना मुश्किल था। 




आगे क्या हुआ ?




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HINDI HORROR STORY - PUL (PULL) (THE BRIDGE)


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